Shimla News: हिमाचल में नगर निगम और पंचायत चुनाव का ऐलान, आचार संहिता लागू

Shimla News: हिमाचल में नगर निगम और पंचायत चुनाव का ऐलान, आचार संहिता लागू

शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव की घोषणा करते राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची


हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों का बिगुल बज गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निगम, नगर परिषद और पंचायत चुनावों की घोषणा करते ही प्रदेश के कई हिस्सों में आचार संहिता लागू कर दी है।

  • 4 नगर निगम और 25 नगर परिषद में होंगे चुनाव
  • करीब 3600 पंचायतों में चुनी जाएगी नई सरकार
  • धर्मशाला, पालमपुर, सोलन और मंडी में नगर निगम चुनाव
  • मतदान से 48 घंटे पहले बंद रहेंगे शराब के ठेके
  • खर्च सीमा भी तय, प्रत्याशियों पर सख्त निगरानी

Himachal Today Tv

शिमला: हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनावों की तारीखों का आधिकारिक ऐलान हो गया है। राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि प्रदेश के 51 शहरी निकायों में आगामी 17 मई को मतदान होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को इसकी औपचारिक घोषणा की, जिसके बाद संबंधित क्षेत्रों में आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त Anil Khachi ने शिमला में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में चार नगर निगमों—धर्मशाला, पालमपुर, सोलन और मंडी—में चुनाव कराए जाएंगे। इसके अलावा 25 नगर परिषदों और 51 शहरी निकायों में भी मतदान होगा।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 3600 पंचायतों में भी चुनाव कराए जाएंगे, जिससे ग्रामीण स्तर पर नई सरकार का गठन होगा। हालांकि पंचायत चुनावों की तिथि की घोषणा अभी शेष है, जिसके चलते नगर निगम और पंचायतों के चुनाव परिणाम एक साथ घोषित किए जा सकते हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में चुनाव हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होते रहे हैं और इस बार भी प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि सरकार और पुलिस विभाग को सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

चुनाव प्रक्रिया के दौरान सख्त नियमों का पालन किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान से 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन शराब के ठेके पूरी तरह बंद रहेंगे। इसके अलावा चुनाव में खर्च की सीमा भी निर्धारित की गई है।

नगर निगम चुनाव में प्रत्याशी अधिकतम एक लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे, जबकि नगर परिषद चुनाव में यह सीमा 75 हजार रुपये और नगर पंचायत के लिए 50 हजार रुपये तय की गई है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त Anil Khachi ने यह भी बताया कि नगर निगम के चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्ह पर होंगे, जिससे मुकाबला और अधिक दिलचस्प होने की संभावना है।

आचार संहिता लागू होने के साथ ही अब सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। प्रशासन भी चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

Read More: 30 जून तक CBSE स्कूलों में पूरी होगी शिक्षकों की भर्ती, हिमकेयर घोटाले की जांच के आदेश

मतदान और मतगणना का समय

चुनाव आयोग के अनुसार, 17 मई को सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक वोट डाले जाएंगे। खास बात यह है कि नगर परिषद और नगर पंचायतों के नतीजों की घोषणा मतदान वाले दिन (17 मई) ही कर दी जाएगी। हालांकि, चारों नगर निगमों (मंडी, सोलन, पालमपुर और धर्मशाला) के लिए मतगणना 31 मई को संबंधित निगम मुख्यालयों में होगी।

इन निकायों में होंगे चुनाव

प्रदेश के कुल 51 शहरी निकायों में चुनावी प्रक्रिया संपन्न होगी, जिसका विवरण निम्न है:

नगर निगम (04): मंडी, सोलन, 
पालमपुर और धर्मशाला।
नगर परिषद: 25
नगर पंचायत: 22
चुनाव कार्यक्रम (Key Dates)

Read More: Shimla News: हिमाचल कैबिनेट के अहम फैसले: MSP बढ़ोतरी से लेकर 1000 पुलिस भर्ती तक बड़े निर्णय

उम्मीदवारों के लिए नामांकन से लेकर नाम वापसी तक का शेड्यूल जारी कर दिया गया है:

नामांकन दाखिल करना: 29 अप्रैल, 30 अप्रैल और 2 मई।
नाम वापसी की अंतिम तिथि: 6 मई।
मतदान की तारीख: 17 मई।
नामांकन पत्रों की छंटनी (Scrutiny): 4 मई।

मतदाता और सुरक्षा व्यवस्था

इस बार के चुनावों में करीब 3 लाख 59 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 1 लाख 80 हजार पुरुष और 1 लाख 79 हजार महिला मतदाता शामिल हैं। निष्पक्ष और सुचारु मतदान के लिए आयोग ने प्रदेश भर में 589 मतदान केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है।

Post a Comment

Previous Post Next Post