Disaster Relief 2025: आपदा प्रभावितों को घरों के पुनर्निर्माण हेतु 141.61: किराये के लिए 8.97 करोड़ जारी

Disaster Relief 2025: आपदा प्रभावितों को घरों के पुनर्निर्माण हेतु 141.61: किराये के लिए 8.97 करोड़ जारी

Disaster Relief 2025: आपदा प्रभावितों को घरों के पुनर्निर्माण हेतु 141.61: किराये के लिए 8.97 करोड़ जारी

प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों के लिए 8.97 करोड़ रुपये किराया सहायता और 141.61 करोड़ रुपये घरों के पुनर्निर्माण हेतु पहली किस्त जारी की। मुआवजा राशि में ऐतिहासिक वृद्धि।

Himachal Today Tv.

हिमाचल टूडे टीवी। शिमला। वर्ष 2025 में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के लिए प्रदेश सरकार ने राहत का बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पूर्णतः क्षतिग्रस्त या रहने योग्य न रहे मकानों के प्रभावित परिवारों को किराया सहायता के रूप में 8 करोड़ 97 लाख 90 हजार रुपये जारी किए हैं। इसके साथ ही घरों के पुनर्निर्माण के लिए 141 करोड़ 61 लाख रुपये की पहली किस्त भी लाभार्थियों को प्रदान की गई है।

सरकार का यह निर्णय उन हजारों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जो प्राकृतिक आपदा के कारण बेघर हो गए थे और अस्थायी आश्रय में रहने को मजबूर थे।
प्राकृतिक आपदाएं भले ही भारी नुकसान पहुंचाती हैं, लेकिन सरकार की त्वरित राहत और पुनर्वास योजनाएं प्रभावित परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई हैं। किराया सहायता और पुनर्निर्माण के लिए जारी बड़ी राशि से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी और वे अपने जीवन को दोबारा पटरी पर ला सकेंगे।

प्रभावित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से फिर से खड़ा करना भी इसका उद्देश्य 

भाजपा के रवैये के कारण केंद्र सरकार के राजस्व घाटा अनुदान पर अभी कोई राहत के निर्णय की बात सिरे चढती नहीं दिख रही है। इधर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार का कहना है कि पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्य केवल ढांचे खड़े करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से फिर से खड़ा करना भी इसका उद्देश्य है। सुक्खू सरकार ने स्पष्ट किया है कि आपदा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। राहत वितरण में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। 

किराया सहायता: शहरी और ग्रामीण परिवारों को सीधा लाभ

प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों को किराया सहायता उपलब्ध करवा रही है।

+ शहरी क्षेत्रों में प्रति परिवार 10,000 रुपये

+ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति परिवार 5,000 रुपये

इस योजना से - ग्रामीण क्षेत्रों के 2,817 परिवार-           शहरी क्षेत्रों के 88 परिवार सीधे लाभान्वित हुए हैं।

सरकार का मानना है कि राहत की यह राशि प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास की व्यवस्था करने में मदद करेगी और उन्हें सुरक्षित वातावरण में रहने का अवसर प्रदान करेगी।

वर्ष 2025 की आपदा: हजारों परिवार प्रभावित

वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रदेशभर में लगभग 16,488 परिवार प्रभावित हुए।

इस दौरान:    -  2,246 मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त हुए  -   7,888 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि आपदा का प्रभाव व्यापक रहा और बड़ी संख्या में लोगों को आवासीय संकट का सामना करना पड़ा।

पुनर्निर्माण के लिए 141.61 करोड़ की पहली किस्त

राज्य सरकार ने विशेष राहत पैकेज के तहत क्षतिग्रस्त घरों के पुनर्निर्माण के लिए 141 करोड़ 61 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की है।

सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यह सहायता राशि सीधे लाभार्थियों को प्रदान की जा रही है ताकि वे अपने घरों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ कर सकें।

मुआवजा राशि में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

प्रदेश सरकार ने आपदा राहत मुआवजा राशि में ऐतिहासिक वृद्धि की है। नई राहत दरें:

+ पूर्णतः क्षतिग्रस्त मकान:
1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये

+ आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे एवं पक्के मकान:
1 लाख रुपये

+ घरेलू उपयोग की वस्तुओं के नुकसान पर: -  मकान मालिक: 1 लाख रुपये -  किरायेदार: 50 हजार रुपये

 पॉलीहाउस क्षति: 25 हजार रुपये .

+ मलबा या गाद हटाने के लिए: - 50 हजार रुपये.  सरकार का दावा है कि यह देश में पहली बार है जब मुआवजा राशि में इतनी बड़ी वृद्धि की गई है।

16,500 करोड़ से अधिक की अनुमानित क्षति

गत तीन वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश के लगभग सभी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। अनुमानित रूप से प्रदेश को 16,500 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है। वर्ष 2023 में केंद्र सरकार की टीम ने 9,042 करोड़ रुपये की क्षति का अनुमान लगाया था। प्रदेश सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए सड़क, बिजली और पेयजल आपूर्ति की बहाली रिकॉर्ड समय में सुनिश्चित की।

सरकार की प्रतिबद्धता

वर्ष 2023 में राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से विशेष राहत पैकेज जारी किया था, ताकि प्रभावित परिवारों को आवास और आजीविका संबंधी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। वर्ष 2025 में भी इसी पैकेज को जारी रखते हुए प्रभावितों को समुचित वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।

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