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Shimla New: आईजीएमसी शिमला में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू, मरीजों को मिलेगा विश्वस्तरीय इलाज: मुख्यमंत्री

Shimla New: आईजीएमसी शिमला में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू

Shimla New: आईजीएमसी शिमला में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू, मरीजों को मिलेगा विश्वस्तरीय इलाज: मुख्यमंत्री


आईजीएमसी शिमला में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू, मरीजों को मिलेगा विश्वस्तरीय इलाज
स्टाफ नर्सों को उच्च शिक्षा के दौरान मिलेगा पूरा वेतनः मुख्यमंत्री
नर्सिंग स्कॉलर सोसाइटी को पांच लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा
बिजली परियोजनाओं में हिमाचल को  मिलनी चाहिए 50 प्रतिशत रॉयल्टी 

बिजली परियोजनाओं में हिमाचल को 50 प्रतिशत रॉयल्टी मिलनी चाहिए और आरडीजी की हिमाचल के मुख्यमंत्री की मांग के हम पक्षधर है। केंद्र सरकार से प्रदेश का विशेष नाता है, प्रदेश की जनता देश का अभिन्न अंग है और अधिकारी दिए जाने से प्रदेश और देश के आर्थिक विकास मजबूत होंगे, आपकी राय आमंत्रित है। 


Himachal Today Tv.

हिमाचल टूडे टीवी।  शिमला। हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक और बड़ी पहल करते हुए मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने Indira Gandhi Medical College (आईजीएमसी) शिमला में 28.44 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी सुविधा का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों को विश्वस्तरीय रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिल रही है, जो उत्तर भारत में एक महत्वपूर्ण और विशेष पहल है। उन्होंने बताया कि शिमला के चमियाना, कांगड़ा जिले के टांडा स्थित  Dr. Rajendra Prasad Government Medical College तथा मंडी जिले के नेरचौक स्थित Lal Bahadur Shastri Government Medical College में यह सुविधा पहले ही सफलतापूर्वक शुरू की जा चुकी है। अब यह सुविधा आईजीएमसी शिमला में भी मरीजों को उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले एक माह के भीतर Dr. Radhakrishnan Government Medical College में भी रोबोटिक सर्जरी मशीन स्थापित की जाएगी। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके। इसी दिशा में कुल्लू सहित अन्य प्रमुख अस्पतालों में भी रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस तकनीक के माध्यम से जनरल सर्जरी, गैस्ट्रो सर्जरी, ऑन्कोलॉजी और गायनेकोलॉजी जैसे क्षेत्रों में उन्नत और सटीक सर्जिकल प्रक्रियाएं संभव होंगी। रोबोटिक सर्जरी में छोटा चीरा लगता है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है और वह जल्दी स्वस्थ हो जाता है।

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स्टाफ नर्सों को उच्च शिक्षा के दौरान मिलेगा पूरा वेतनःCM Sukhu

नर्सिंग स्कॉलर सोसाइटी को पांच लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा

स्टाफ नर्सों को उच्च शिक्षा के दौरान मिलेगा पूरा वेतनःCM Sukhu

शिमला।  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज आईजीएमसी शिमला में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के दौरान स्टाफ नर्स को भी 40 प्रतिशत के स्थान पर पूरा वेतन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले महीने मेडिकल एजुकेशन विभाग में 80 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक साल में स्वास्थ्य विभाग में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा और आने वाले समय में इस क्षेत्र में बहुत सारी नौकरियां मिलने वाली हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बहुत तेजी से सुधार कर रही है और हाई-एंड टेक्नोलॉजी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी, हाई-एंड एमआरआई जैसी मशीनें लगाई जा रही हैं।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार आऊटसोर्स आधार पर नियुक्तियों को बंद करना चाहती है क्योंकि यह युवाओं का शोषण है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग में नियमित स्टाफ नर्सों के साथ-साथ असिस्टेंट स्टाफ नर्सों के पद भी सृजित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को जल्द से जल्द रोजगार मिल सके। बैचवाइज नर्सों की भर्ती भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ओवरसीज भर्ती विभाग भी बनाया है, जो नौकरी के लिए विदेश जाने वाले युवाओं का पूरा ट्रैक एंड ट्रेस रखता है।

16 वें वित्तायोग ने बंद की हिमाचल को 1952 से मिल रही RDG


मुख्यमंत्री ने कहा कि 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस था और आज शिमला में नर्सिंग स्कॉलर सोसाइटी इस उपलक्ष्य पर एक कार्यशाला का आयोजन कर रही है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में आज बेटियां पुरुषों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर काम कर रही हिमाचल प्रदेश में 57.5 प्रतिशत महिलाएं पंचायती राज संस्थानों में चुन कर आईं जो प्रदेश के लिए खुशी की बात है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की बेटियां निंरतर आगे बढ़ रही हैं और ध्येय को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करती हैं। 

16 वें वित्तायोग ने बंद की हिमाचल को 1952 से मिल रही RDG 

हिमाचल प्रदेश को वर्ष 1952 से आरडीजी मिल रही थी लेकिन इस संवैधानिक अधिकार को सोलहवें वित्तायोग ने बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में आय व व्यय का अंतर होता है, उन्हें आरडीजी दी जाती थी लेकिन हिमाचल प्रदेश के लोगों का यह अधिकार अब छीन लिया गया है। उन्होंने कहा ‘‘अगर किसी प्रदेश के बजट से हर साल 10 हजार करोड़ रुपये कम हो जाएं, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उस राज्य पर क्या असर पड़ेगा? भाजपा के नेता कहते हैं कि 17 राज्यों की आरडीजी बंद हुई है लेकिन उनके संसाधन ज्यादा हैं। हमारे पास सिर्फ पानी और जंगल हैं। हमें उद्योगों से भी ज्यादा लाभ नहीं मिलता क्योंकि जीएसटी उत्पाद की खरीद पर लगता है और हिमाचल प्रदेश की आबादी बहुत कम है। उत्पाद हिमाचल में तैयार हो रहे हैं लेकिन जीएसटी का फायदा बड़े राज्यों को हो रहा है। हमारा टैक्स कलेक्शन 4000 करोड़ रुपये से घटकर 150 करोड़ रुपये रह गया है।’’

बिजली परियोजनाओं में हिमाचल को  मिलनी चाहिए 50 प्रतिशत रॉयल्टी 

उन्होंने कहा कि हमें बिजली परियोजनाओं में 50 प्रतिशत रॉयल्टी मिलनी चाहिए, ताकि हिमाचल के लोगों को उनका अधिकार मिले। उन्होंने नर्सिंग स्कॉलर सोसाइटी को पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की।

 इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक हरीश जनारथा, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. राकेश शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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