बिजली महादेव रोपवे: 202 पेड़ों की बलि! जंगल हक़ हकूक पर हमला

Kullu News: बिजली महादेव रोपवे के नाम पर 202 पेड़ों की बलि! संघर्ष समिति का बड़ा आरोप, जंगल हक़ हकूक पर हमला

बिजली महादेव रोपवे के नाम पर 202 पेड़ों की बलि! संघर्ष समिति का बड़ा आरोप, जंगल हक़ हकूक पर हमला

Hiamchal Today Tv

कुल्लू, 25 जुलाई।

“विकास के नाम पर जंगलों की हत्या बंद करो!” – यह नारा आज बिजली महादेव घाटी में गूंज उठा, जब बिजली महादेव रोपवे संघर्ष समिति और SAHARA संस्था के सैकड़ों स्थानीय लोगों ने पेड़ों की अवैध कटाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

 202 पेड़ों की कटाई: किसका विकास, किसकी कीमत पर?

रोपवे परियोजना के लिए 202 पेड़ों की कटाई की पुष्टि ने इलाके में हलचल मचा दी है। संघर्ष समिति के सदस्यों का आरोप है कि बिना उचित कानूनी प्रक्रियाएं पूरी किए इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है। और भी पेड़ों की डिमार्किंग न होने के बावजूद कंपनी खुलकर बोल रही है – "भविष्य में तारों के ऊपर गिरने की आशंका" के नाम पर और पेड़ काटे जा सकते हैं!

यह केवल पर्यावरण का नहीं, कानून का भी सीधा उल्लंघन है।

 FRA ACT 2006 की धज्जियां उड़ा रही कंपनी?

Forest Rights Act 2006 (FRA) के तहत, किसी भी परियोजना को शुरू करने से पहले स्थानीय FRC (Forest Rights Committee) की NOC लेना अनिवार्य होता है। लेकिन बिजली महादेव रोपवे प्रोजेक्ट में यह सबसे बड़ा उल्लंघन सामने आया है।

संघर्ष समिति के नेता फते चंद राणा, जोगेंद्र सिंह, मनीष शर्मा, गंगाराम का कहना है कि—

> “यह केवल जंगल नहीं काटा जा रहा, ये हमारी पीढ़ियों का अधिकार काटा जा रहा है।”

 SAHARA संस्था: संघर्ष का कानूनी स्तंभ

SAHARA NGO न केवल स्थानीय लोगों को उनके जंगल अधिकार (Community Forest Rights) के बारे में जागरूक कर रही है, बल्कि संघर्ष समिति को FRA प्रक्रिया को पूरा कराने में कानूनी सहयोग भी दे रही है।

संस्था के निदेशक राजेंद्र चौहान, खेम चमड़ी, बालविंद्र संधू, और विवेक नेगी ने पूरे कुल्लू ब्लॉक की 39 पंचायतों में अभियान छेड़ रखा है।

22 जुलाई से परीक्षण प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है ताकि FRA के अंतर्गत बिजली महादेव की भूमि को समुदाय के नाम दर्ज किया जा सके।

Kullu News: बिजली महादेव रोपवे के नाम पर 202 पेड़ों की बलि! संघर्ष समिति का बड़ा आरोप, जंगल हक़ हकूक पर हमला

 प्रशासन और कंपनी पर बड़ा सवाल

कंपनी का यह तर्क कि "भविष्य में तारों पर पेड़ गिर सकते हैं" एक खतरनाक पूर्वधारणा है जो किसी भी जंगल को बिना किसी ठोस कारण के नष्ट करने का बहाना बन सकता है।

प्रदर्शनकारियों का सवाल है:

> “क्या पेड़ों की छांव में पले-बढ़े कुल्लू के लोग अब उन्हीं पेड़ों के दुश्मन बन गए हैं या यह किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा है?”

 समाज के लिए संदेश: यह केवल कुल्लू की लड़ाई नहीं है

यह संघर्ष केवल बिजली महादेव घाटी की भूमि, जंगल और संस्कृति के लिए नहीं — बल्कि पूरे भारत में जनजातीय और ग्रामीण समुदायों के अधिकारों की रक्षा की आवाज है।

अगर आज FRA कानून की धज्जियां उड़ाई जाती हैं, तो कल कोई भी रोपवे, कोई भी प्रोजेक्ट किसी भी गांव के ऊपर थोप दिया जाएगा — बिना उसकी अनुमति के, बिना उसके हक की गिनती के।

संघर्ष अभी बाकी है...

बिजली महादेव संघर्ष समिति और SAHARA का कहना है कि जब तक—

सभी पेड़ों की सूची सार्वजनिक नहीं की जाती

वैध NOC नहीं ली जाती

और FRA प्रक्रिया पूरी नहीं होती

तब तक सभी कार्यों पर रोक लगनी चाहिए।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि "विकास" के नाम पर क्या हम अपने पर्यावरण, अपनी संस्कृति और अपने अधिकारों का सौदा कर रहे हैं? कुल्लू की जनता ने इसका विरोध किया है — अब देखना है कि प्रशासन और पर्यावरण मंत्रालय इसमें क्या रुख अपनाते हैं। 

Read More: 

ह भी पढें :- चार गुना मुआवज़ा में देरी-जबरन बेदखली से भड़के किसान, 29 जुलाई को शिमला में जोरदार प्रदर्शन की चेतावनी   
ह भी पढें :- Mandi News: सत्य प्रकाश शर्मा: अनाथ बच्चों के मसीहा, 700 से अधिक जीवन संवारे"  
ह भी पढें :- मंडी न्यूज़ अपडेट: बस रूट आवेदन की तारीख बढ़ी, आंगनबाड़ी साक्षात्कार में बदलाव, बारिश को लेकर अलर्ट
ह भी पढें :-  सेवानिवृत्ति से पूर्व मंडी पहुंचे निदेशक अभियोजन महेंद्र सिंह चौहान, किया अधिकारियों से संवाद
ह भी पढें :- सुंदरनगर की नर्वदा शर्मा बनीं मिसेज़ फैशनेबल – नौकरी और मॉडलिंग में रचा नया इतिहास
ह भी पढें :- I.T.I. पास युवा 400 रु. दिहाडी पर मजबूर! मंडी में रोजगार की हकीकत से उठा परदा
ह भी पढें :-  नशे में डूबता हिमाचल: अब महिलाएं और किशोर भी बने निशाना, कब्रिस्तान-श्मशान तक बना अड्डा!
ह भी पढें :-  2023 की आपदा रिलीफ के 10 हजार करोड के बदले केंद्र ने दिए 1500 करोड : नरेंद्र मोदी आपदा पर भी मौन
ह भी पढें :-  मुख्यमंत्री सुक्खू का मंडी दौरा: आपदाग्रस्तों को मिलेगा घर, किराया भत्ता और पुनर्वास योजना
ह भी पढें :- NTPC की मनमानी और सरकार की चुप्पी पर गरजा पंचायती राज संगठन, चुनाव से पहले गांव-गांव दौरे की चेतावनी
ह भी पढें :-  Kullu-कांग्रेस प्रवक्ता इंदु पटियाल का . कंगना रनौत पर तगडा हमलाः 2023 की आपदा में किया धोखाः अबभी बहाने!
ह भी पढें :- आपदा प्रभावित सराज क्षेत्र में 24 मेडिकल टीमें सक्रिय, 9 गर्भवती महिलाएं सुरक्षित अस्पताल पहुंचाई गईं
ह भी पढें :- सुंदरनगर की तमन्ना ने पास की GATE परीक्षा, IIT दिल्ली में पाया प्रवेश | बेटी ने रचा नया इतिहास
ह भी पढें :- बगस्याड से पैदल थुनाग पहुंचे मंत्री विक्रमादित्य, आपदा में टूटे लोगों का थामा हाथ
ह भी पढें :- आपदा में हिमाचल को छोड़ गए नेता! – हीरा पाल सिंह का JP नड्डा और सांसदों पर तगड़ा हमला

Post a Comment

0 Comments