Mandi New: चार गुना मुआवज़ा में देरी-जबरन बेदखली से भड़के किसान, 29 जुलाई को शिमला में जोरदार प्रदर्शन की चेतावनी

Mandi New: चार गुना मुआवज़ा में देरी-जबरन बेदखली से भड़के किसान, 29 जुलाई को शिमला में जोरदार प्रदर्शन की चेतावनी

Mandi New: चार गुना मुआवज़ा में देरी-जबरन बेदखली से भड़के किसान, 29 जुलाई को शिमला में जोरदार प्रदर्शन की चेतावनी

+ फोरलेन का चार गुना मुआवज़ा नहीं मिला, तो होगा उग्र प्रदर्शन 
+ हिमाचल किसान सभा ने सरकार को दी चेतावनी

सुंदरनगर (मंडी), हिमाचल प्रदेश।
प्रदेश की राजनीति एक बार फिर किसानों की नाराजगी के चलते उबाल पर है। सुंदरनगर क्षेत्र से उठी विरोध की लहर अब पूरे प्रदेश में फैलने को तैयार है। हिमाचल किसान सभा की सुंदरनगर इकाई ने प्रदेश सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जबरन बेदखली पर रोक नहीं लगाई गई और फोरलेन परियोजना के तहत किसानों को चार गुना मुआवज़े की अधिसूचना जारी नहीं की गई, तो 29 जुलाई को शिमला में ऐतिहासिक और उग्र रैली की जाएगी।

‘आर-पार’ के मूड में किसान

हिमाचल किसान सभा के सचिव रामजी दास के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम अमर नेगी से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। किसानों की प्रमुख मांगें इस प्रकार थीं:

  • पांच बीघा तक की ज़मीन को निशुल्क नियमित किया जाए

  • किसानों की जबरन बेदखली पर तत्काल रोक लगे

  • जिनकी भूमि और घर फोरलेन में गए, उन्हें मालिकाना हक दिया जाए

  • चार गुना मुआवज़े की अधिसूचना तुरंत लागू की जाए

सभा ने हाईकोर्ट द्वारा फैक्टर-1 को रद्द कर फैक्टर-2 को लागू करने के आदेश का स्वागत किया, लेकिन सरकार की देरी पर गहरी नाराजगी जताई।

फोरलेन प्रोजेक्ट: एक दशक से लटक रहा निर्माण, बढ़ती समस्या

वर्ष 2014 में शुरू हुआ किरतपुर से नेरचौक फोरलेन प्रोजेक्ट, शुरू से ही विवादों में रहा है। प्रारंभ में यह कार्य ILFS कंपनी को सौंपा गया था, जो नोटबंदी के बाद वित्तीय संकट में घिरकर बाहर हो गई। इसके बाद दो अधिकारियों द्वारा खड़ी की गई एक अस्थायी कंपनी को यह जिम्मेदारी दी गई, लेकिन अंततः इसे GHV और फिर GEC कंपनी को सौंपा गया।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने वर्षों में फोरलेन का कार्य अधूरा है, और कई स्थानों पर सर्विस लेन तक नहीं बनाई गई, जिससे स्थानीय जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुंघ से धनेस्वरी तक सुंदरनगर बाईपास को सर्विस लेन से जोड़ने की मांग अब आंदोलन का हिस्सा बन चुकी है।

जनता की नाराज़गी के प्रमुख मुद्दे:

  1. सुंदरनगर बाईपास (पुंघ से धनेस्वरी) को सर्विस लेन से जोड़ा जाए

  2. बंद की गई कृषि सब्सिडियों की बहाली

  3. रसोई गैस व बस किराए में बढ़ोतरी को वापस लिया जाए

  4. सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों व स्टाफ की तैनाती

  5. जड़ोल से डडौर तक फुट ओवर ब्रिज का निर्माण (विशेष रूप से स्कूलों के पास)

  6. 2023 की आपदा और हालिया क्षतियों की भरपाई — जिसमें उपजाऊ भूमि, श्मशान घाट, नालियों की मरम्मत, जल स्रोतों की बहाली शामिल हैं

राजनीति पर सीधा हमला

सभा के अध्यक्ष जगमेल ठाकुर ने केंद्र की भाजपा और प्रदेश की कांग्रेस सरकार दोनों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:

“जनविरोधी नव-उदारवादी नीतियों ने प्रदेश को आर्थिक गर्त में धकेल दिया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से निजीकरण हो रहा है। आउटसोर्स और ट्रेनी के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।”

ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर सरकार ने तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो किसानों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब जनता की आवाज को और नहीं दबाया जा सकता।

29 जुलाई को शिमला में ऐतिहासिक किसान रैली

इन सभी मुद्दों को लेकर हिमाचल किसान सभा और सेब उत्पादक संघ मिलकर 29 जुलाई को शिमला में एक राज्य स्तरीय रैली का आयोजन कर रहे हैं। इस रैली में सुंदरनगर से सैकड़ों किसान भाग लेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि यह रैली न सिर्फ विरोध का प्रतीक होगी, बल्कि आने वाले समय में सरकार को चेतावनी भी देगी कि अगर जनहित की मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है।

Mandi New: चार गुना मुआवज़ा में देरी-जबरन बेदखली से भड़के किसान, 29 जुलाई को शिमला में जोरदार प्रदर्शन की चेतावनी

प्रतिनिधिमंडल में उपस्थित प्रमुख किसान नेता:

प्रेम चौधरी- 
नंद लाल वर्मा
रामजी दास
जगमेल ठाकुर
जोगिंदर वालिया
हेमराज
राजकुमार
श्याम लाल
सुरेंद्र सेन
  • और अन्य किसान नेता उपस्थित रहे।

प्रदेश में किसानों की जमीन और हक को लेकर चल रहा यह विवाद अब निर्णायक मोड़ पर है। सरकार के लिए यह वक्त है कि वह किसानों की मांगों को गंभीरता से सुने, अन्यथा आंदोलन की आंच राजनीतिक गलियारों तक जरूर पहुंचेगी। फोरलेन मुआवज़ा और जबरन बेदखली जैसे मुद्दों पर किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। 

Read More:  

ह भी पढें :- Kullu News: सांसद बनकर मज़ा नहीं आया? तो बंद करो नौटंकी: कांग्रेस ने कंगना रनौत पर बोला तीखा हमला 

Mandi News: “2023 की तबाही का हिसाब बाकी, अब 2025 की बरसात से नुकसान की जांच पर फिर मंडी में आई टीम ?“ 

Post a Comment

0 Comments