Shimla News: जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकेत: बादल फटना और सिकुड़ते ग्लेशियर चिंता का विषय — मुख्यमंत्री

 Shimla News: जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकेत: बादल फटना और सिकुड़ते ग्लेशियर चिंता का विषय— मुख्यमंत्री


Shimla News: जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकेत: बादल फटना और सिकुड़ते ग्लेशियर चिंता का विषय

* जलवायु परिवर्तन
* हिमाचल प्रदेश
* बादल फटना
* ग्लेशियर
* मुख्यमंत्री सुक्खू

 
प्रमुख सवालः प्रदेश में सरकार के करोडों की लागत से विभिन्न योजनाएं सृजित की गई है, किंतु देखना होगा कि भविष्य में इनसे रोजगार के कितने अवसर प्राप्त होंगे.

Himachal Today Tv.

हिमाचल टूडे टीवी.। शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य में बढ़ती अप्रत्याशित बादल फटने की घटनाएं, अचानक बाढ़, भूस्खलन और ग्लेशियरों का तेजी से सिकुड़ना जलवायु परिवर्तन के स्पष्ट संकेत हैं। उन्होंने इन घटनाओं को प्रकृति की चेतावनी बताते हुए समय रहते ठोस और वैज्ञानिक कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023 की प्राकृतिक आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि इस आपदा में 23,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए थे। उन्होंने कहा कि हिमाचल केवल एक राज्य नहीं, बल्कि हिमालय की आत्मा है और इसकी पर्यावरणीय स्थिरता पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के लंबित बकायों के समाधान तक किशाऊ और रेणुका बांध जैसी परियोजनाओं पर आगे नहीं बढ़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ‘साइंटिफिक असेसमेंट ऑफ टैकलिंग नॉन कार्बन-डाईऑक्साइड एमीशन्स: पाथवेज फॉर हिमाचल प्रदेश’ शीर्षक रिपोर्ट जारी करने के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस दौरान राज्य में औषधीय पौधों की खेती और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मैसर्स डाबर इंडिया लिमिटेड तथा मैसर्स करण सिंह वैद्य, सोलन के साथ दो महत्वपूर्ण एमओए भी हस्ताक्षरित किए गए।

 औषधीय पौधों की खेती को मिलेगा बढ़ावा

डाबर इंडिया लिमिटेड के साथ हुए समझौते के तहत प्रदेश के किसानों को प्रतिवर्ष 12 लाख गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। दस वर्षों में कुल 1.20 करोड़ पौधों का वितरण किया जाएगा। विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की पारिस्थितिकी के अनुसार आंवला, हरड़, बहेड़ा, काकड़ासिंगी, लोधर, जटामांसी, कुटकी, सुगंधबाला, पदम काष्ठ, पुष्करमूल, अतीस और विष जैसी प्रजातियां वितरित की जाएंगी।

वहीं, करण सिंह वैद्य, सोलन के साथ पांच वर्ष के लिए हुए समझौते के तहत सोलन जिले में हल्दी, अश्वगंधा, शतावरी, तुलसी, चिरायता और हिमालयन जेंटियन की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रारंभिक चरण में 108 बीघा भूमि पर 225 से अधिक महिला किसानों को इस योजना से जोड़ा जाएगा।

डाबर इंडिया लिमिटेड के साथ समझौता

मैसर्स डाबर इंडिया लिमिटेड किसानों को प्रतिवर्ष 12 लाख गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध करवाएगी।
दस वर्षों में कुल 1.20 करोड़ पौधे (प्रति प्रजाति 10 लाख) वितरित किए जाएंगे।
निम्न एवं मध्य पहाड़ी क्षेत्रों (ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सिरमौर, निचला शिमला) में आंवला, हरड़, बहेड़ा, काकड़ासिंगी और लोधर के पौधे वितरित होंगे।
मध्य एवं उच्च पहाड़ी क्षेत्रों (कुल्लू, चंबा, मंडी, ऊपरी शिमला, किन्नौर) में जटामांसी, कुटकी, सुगंधबाला, पदम काष्ठ और पुष्करमूल के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
अल्पाइन क्षेत्रों (किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा) में अतीस और विष जैसी जड़ी-बूटियां किसानों को दी जाएंगी।

करण सिंह वैद्य, सोलन के साथ समझौता

पांच वर्षों की अवधि के लिए एमओए हस्ताक्षरित।
सोलन जिला में औषधीय पौधों की खेती, संरक्षण और मूल्य श्रृंखला विकास को बढ़ावा।
छह प्राथमिकता प्रजातियां— हल्दी, अश्वगंधा, शतावरी, तुलसी, चिरायता और हिमालयन जेंटियन की खेती।
प्रारंभिक चरण में 108 बीघा भूमि पर 225 से अधिक महिला किसानों को जोड़ा जाएगा।
आसपास की पंचायतों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।

हरित ऊर्जा राज्य बनने की दिशा में प्रयास

हिमाचल प्रदेश को देश का पहला ग्रीन एनर्जी स्टेट बनाने का लक्ष्य।
वर्ष 2025-26 में 200 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य।
युवाओं को सौर परियोजनाएं स्थापित करने के लिए सब्सिडी।
नालागढ़ में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से एक मेगावाट ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।

हिमाचल बनेगा देश का पहला ग्रीन एनर्जी स्टेट

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश को देश का पहला हरित ऊर्जा राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस वर्ष 200 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है तथा युवाओं को सौर परियोजनाएं स्थापित करने के लिए सब्सिडी प्रदान की जा रही है। नालागढ़ में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से एक मेगावाट का ग्रीन हाइड्रोजन संयंत्र भी स्थापित किया जा रहा है।

 इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा

उन्होंने बताया कि अप्रैल तक एचआरटीसी के बेड़े में लगभग 300 नई ई-बसें शामिल की जाएंगी। इसके अतिरिक्त 38,000 टैक्सियों को ई-टैक्सी में परिवर्तित करने के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है तथा विभिन्न सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक सुरेश कुमार एवं हरीश जनारथा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

"हिमाचल में जलवायु परिवर्तन से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें।"

Read More: 

ह भी पढें :-  News Gallery: मंडी में 50 बाइक और 25 कारों से दिया सडक सुरक्षा का संदेश

ह भी पढें :- Music: संगीत जगत में गूंजा “भंडारी बाबा ट्रांस”, तनिषा सेठी की नई उपलब्धि ने रचा इतिहास

Post a Comment

Previous Post Next Post