हिमाचल की आपदा पर केंद्र की उपेक्षा: हीरापाल सिंह का भाजपा पर आरोप
HimachalTodayTv.
सुंदरनगर, मंडी (हिमाचल प्रदेश)।
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश सहसंयोजक एवं नशा
निवारण समिति के राज्य स्तरीय निदेशक मंडल के सदस्य **ठाकुर हीरा पाल सिंह** ने
प्रदेश की आपदा प्रबंधन स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि बीते तीन वर्षों (2023, और 2025) में हिमाचल प्रदेश ने बार-बार आई
प्राकृतिक आपदाओं के कारण हजारों करोड़ का नुकसान झेला है, लेकिन
केंद्र सरकार से अपेक्षित सहायता नहीं मिली।
"केंद्र
से मिली सहायता ऊंट के मुंह में जीरा"
हीरापाल सिंह ने आरोप लगाया कि जब भी हिमाचल प्रदेश में बाढ़, भूस्खलन
और अतिवृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ, केंद्र
सरकार से जो राहत राशि आई वह बेहद कम रही। राज्य सरकार ने अन्य फंडों को डाइवर्ट
करके आपदा प्रभावितों को राहत दी और मकानों के नुकसान के लिए 1-1
लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की।
उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों को केंद्र से भरपूर मदद
मिलती है, लेकिन कांग्रेस शासित
हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
भाजपा पर राजनीति करने का आरोप
हीरापाल सिंह ने विपक्ष और भाजपा नेताओं पर आपदा के समय राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार के मुख्यमंत्री, मंत्री और सभी विभागों के अधिकारी आपदा राहत और पुनर्वास कार्यों में जुटे थे, तब भाजपा के नेता सरकार पर झूठे आरोप लगाने में व्यस्त थे।
सांसदों की भूमिका पर सवाल
उन्होंने विशेष रूप से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर और कंगना रनौत को निशाने पर लिया। सिंह ने कहा कि दोनों सांसद राज्य की आवाज संसद में उठाने की बजाय गांधी परिवार पर बयानबाजी में व्यस्त हैं।
> "अनुराग ठाकुर और कंगना रनौत ने अपने सांसद कार्यकाल का अधिकतर समय केवल गांधी परिवार पर हमले करने में गंवा दिया है। लेकिन हिमाचल की जनता को राहत राशि दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।"
संगठन की एकजुटता
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव ठाकुर हीरापाल सिंह की अध्यक्षता में कांग्रेस की आयोजित बैठक में नंदलाल वर्मा महासचिव, सतीश शर्मा जिला उपाध्यक्ष, दौलतराम शर्मा सचिव, जीतराम उपाध्यक्ष भी रहे उपस्थित हुए।। इन नेताओं ने भाजपा पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि विकास की जो राशि अन्य परियोजनाओं में खर्च होनी थी, वह अब आपदा प्रबंधन में लग रही है।
हिमाचल के लिए वकालत करें, राजनीति नहीं"
हीरापाल सिंह ने भाजपा नेताओं से अपील की कि वे केंद्र से अधिकतम
राहत राशि दिलाने के लिए एकजुट होकर हिमाचल की आवाज बनें।
उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को हिमाचल के लोगों के लिए
लड़ना चाहिए, न कि आपदा के समय राजनीति
करनी चाहिए।
हीरापाल सिंह का तीखा बयान
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव ठाकुर हीरापाल सिंह की अध्यक्षता में कांग्रेस की आयोजित बैठक में नंदलाल वर्मा महासचिव, सतीश शर्मा जिला उपाध्यक्ष, दौलतराम शर्मा सचिव, जीतराम उपाध्यक्ष भी रहे उपस्थित हुए। ठाकुर हीरापाल सिंह ने इस मौके पर साफ कहा कि कांग्रेस को सुधारने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है और इसका मुख्य कारण संगठनात्मक गुटबाजी, आपसी षड्यंत्र और हाईकमान का समय पर निर्णय न लेना है।
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा “जब तक कांग्रेस अनुशासन, संगठन और विचारधारा पर नहीं लौटेगी, तब तक सत्ता में वापसी नामुमकिन है। राहुल गांधी चाहे कितनी भी पदयात्रा कर लें, अगर संगठन अंदर से मजबूत नहीं होगा तो जनता का भरोसा जीतना संभव नहीं।”
भाजपा के लिए वरदान साबित होगी कांग्रेस की गुटबाजी
इस गुटबाजी और नारेबाजी का असर सीधे आगामी चुनावों पर पड़ने वाला है। कांग्रेस यदि समय रहते अपने संगठन को मजबूत नहीं करती और एकजुटता का संदेश नहीं देती तो यह भाजपा के लिए वरदान साबित होगा।
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