Mandi News: नई पंचायतों के गठन का मुद्दा उठाकर चुनाव प्रक्रिया को लटकाने का प्रयास: राकेश जमवाल
Himachl Today Tv.
सुंदरनगर। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने पंचायत चुनावों को लेकर भी प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पंचायत चुनावों को टालने के लिए लगातार नए-नए हथकंडे अपना रही है और अदालत के निर्देशों के बावजूद नई पंचायतों के गठन का मुद्दा उठाकर चुनाव प्रक्रिया को लटकाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पंचायत चुनाव समय पर होना बेहद जरूरी है, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के कारण इसमें अनावश्यक देरी की जा रही है। राकेश जमवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही पंचायत चुनावों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की तो भाजपा इस मुद्दे को प्रदेशभर में उठाकर सरकार की जनविरोधी नीतियों को उजागर करेगी।
Read More: UGC: सुंदरनगर में UGC कानून के विरोध में रैली, महाराणा प्रताप चौक पर लगे रोल बैक के नारे
सुंदरनगर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा निहरी मंडल द्वारा आयोजित ‘पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान–2026’ के प्रथम दिन भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने भाग लिया और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने और संगठनात्मक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
राकेश जमवाल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित एकात्म मानववाद और अंत्योदय के सिद्धांत भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा की मूल आधारशिला हैं। इन सिद्धांतों का उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और सेवा का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इन्हीं मूल्यों से प्रेरित होकर राष्ट्र और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहता है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण महाभियान के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यप्रणाली, पार्टी की विचारधारा और केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी जाती है, ताकि वे समाज के बीच अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
जमवाल ने इस दौरान राकेश जमवाल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार टोल और टैक्स बढ़ाकर पर्यटन उद्योग तथा आम जनता की जेब पर डाका डाल रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पर्यटन पर निर्भर है और हजारों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है, लेकिन सरकार की नीतियों के कारण सैलानियों को राज्य में प्रवेश करते ही अतिरिक्त टोल का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन कारोबार प्रभावित होगा और इसका सीधा असर स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों, टैक्सी ऑपरेटरों तथा पर्यटन से जुड़े हजारों लोगों की आय पर पड़ेगा। जमवाल ने यह भी कहा कि यदि पड़ोसी राज्य पंजाब भी इसी तरह टोल लागू करता है तो हिमाचल के लोगों पर दोहरा आर्थिक बोझ पड़ेगा।
.webp)
