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Shimla News: सरैन संस्कृत महाविद्यालय में ‘परीक्षा पे चर्चा’ व विशेष कक्षाएं, शिक्षा को नई दिशा

सरैन संस्कृत कॉलेज में नई पहल, विशेष कक्षाओं और परीक्षा पे चर्चा से छात्रों को मिला मार्गदर्शन

Shimla News: सरैन संस्कृत महाविद्यालय में ‘परीक्षा पे चर्चा’ व विशेष कक्षाएं, शिक्षा को नई दिशा

Himachal Today Tv.

चौपाल (शिमला)। राजकीय संस्कृत महाविद्यालय सरैन में विद्यार्थियों के शैक्षणिक उन्नयन और व्यक्तित्व विकास को लेकर अभिनव पहल की गई है। इसके तहत विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन विशेष कक्षाएं और ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के अंतर्गत Dr. Abhishek Gautam और Dr. Rohit Kumar ने विद्यार्थियों को शास्त्रीय ज्ञान और आधुनिक पद्धति के माध्यम से पढ़ाया। इससे विद्यार्थियों में विषय के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ा है।

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महाविद्यालय के प्राचार्य Dr. Ritesh Sharma के मार्गदर्शन में यह पहल सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। वहीं ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का समन्वय Dr. Lokpal Sharma और Dr. Balbir Singh ने किया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, परीक्षा तैयारी, उत्तर लेखन और तनाव प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। खुली चर्चा के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान भी किया गया।

परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के अन्तर्गत विद्यार्थियों को परीक्षा की वैज्ञानिक एवं योजनाबद्ध तैयारी, समय-प्रबन्धन की प्रभावी तकनीक, उत्तर लेखन की विधि, अध्ययन की प्राथमिकताओं का निर्धारण, मानसिक तनाव से निपटने के उपाय तथा सकारात्मक सोच विकसित करने जैसे विभिन्न महत्त्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। 

विद्यार्थियों के साथ खुला संवाद 

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ खुला संवाद स्थापित करते हुए उनकी जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समाधान भी किया गया, जिससे उनमें आत्मविश्वास एवं प्रेरणा का सञ्चार हुआ। इन समस्त गतिविधियों में प्राक्शास्त्री द्वितीय वर्ष तथा शास्त्री प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिल रही है। 

विद्यार्थियों ने इन कक्षाओं एवं कार्यक्रमों को अत्यन्त उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणास्पद बताते हुए कहा कि इससे उन्हें न केवल परीक्षा की दृष्टि से लाभ प्राप्त हो रहा है, बल्कि विषय की गहराई को समझने में भी विशेष सहायता मिल रही है।

महाविद्यालय प्रशासन ने इस पहल को संस्कृत शिक्षा को आधुनिक और उपयोगी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। साथ ही इसे अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए प्रेरणादायक मॉडल भी माना जा रहा है। Read More: Shimla News: CM सुक्खू का 62वां जन्मदिन, हरित संदेश के साथ विकास का संकल्प


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