Kullu News: राजा नहीं फकीर थे, हिमाचल की तकदीर थे: वीरभद्र सिंह की जयंती पर बंजार में श्रद्धांजलि समारोह

राजा नहीं फकीर थे, हिमाचल की तकदीर थे: वीरभद्र सिंह की जयंती पर बंजार में श्रद्धांजलि समारोह

राजा नहीं फकीर थे, हिमाचल की तकदीर थे: वीरभद्र सिंह की जयंती पर बंजार में श्रद्धांजलि समारोह

HimachalToday.in

बंजार, जिला कुल्लू ,  23 जून 2025।

हिमाचल प्रदेश के इतिहास में अमर नाम, छह बार मुख्यमंत्री पद पर रह चुके और प्रदेश के चहुंमुखी विकास के अग्रदूत रहे स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह की जयंती के अवसर पर बंजार विधानसभा क्षेत्र में एक भावुक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सैकड़ों स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बंजार कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष तेजा सिंह ठाकुर ने की, जिन्होंने स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की चित्र छाया पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मौजूद सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी स्मृतियों को नमन किया।

Kullu News: राजा नहीं फकीर थे, हिमाचल की तकदीर थे: वीरभद्र सिंह की जयंती पर बंजार में श्रद्धांजलि समारोह
@VirBhadarSingh-HimachalToday.in

 “राजा नहीं फकीर हैं, हिमाचल की तक़दीर हैं” , जनमानस की भावना

कार्यक्रम के दौरान जिला कुल्लू कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष सेस राम आज़ाद ने कहा कि वीरभद्र सिंह जैसे जननायक अब केवल इतिहास के पन्नों में ही मिलेंगे। उन्होंने कहाः “वीरभद्र सिंह जी केवल एक राजनीतिक नेता नहीं थे, वह आम जनता के राजा थे। उन्होंने अपने छह कार्यकालों में प्रदेश को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, सिंचाई, बागवानी, सड़क नेटवर्क, और रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनके विज़न और योजनाओं की वजह से आज हिमाचल प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में गिना जाता है।”

सभा में उपस्थित जनमानस ने एक स्वर में दोहराया 

“राजा नहीं फकीर हैं, हिमाचल की तकदीर हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि वीरभद्र सिंह ने कृषि विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी मंडी, और पैरामेडिकल संस्थानों के माध्यम से युवाओं के भविष्य को दिशा दी। उन्होंने गांव-गांव तक पक्की सड़कों का जाल बिछवाया और किसानों की उपज के लिए सब्ज़ी मंडियों का निर्माण कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया।

 हर वर्ग के उत्थान के लिए संघर्षरत रहे राजा साहब

पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष डोला सिंह महंत ने वीरभद्र सिंह की जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहाः “उनका जन्म एक राजपरिवार में हुआ, लेकिन जीवन गरीबों के लिए जिया। उनकी सादगी, नीतियों की स्पष्टता और प्रशासनिक दक्षता उन्हें एक असाधारण नेता बनाती थी। उन्होंने कभी जाति, धर्म या क्षेत्र के आधार पर भेदभाव नहीं किया। उनका एक ही ध्येय था दृ ‘हर गांव, हर व्यक्ति तक विकास पहुंचे।’

उन्होंने यह भी कहा कि आज जब राजनीति में नैतिकता और दृष्टिकोण की कमी दिखती है, तब वीरभद्र सिंह जैसे जननायकों की और भी अधिक आवश्यकता महसूस होती है।

 प्रदेश की रीढ़ बने वीरभद्र सिंह के कार्य

वीरभद्र सिंह को उनके कार्यों के कारण “विकास पुरुष“ की संज्ञा दी गई थी। उन्होंने अपने कार्यकाल में निम्नलिखित प्रमुख उपलब्धियाँ दर्ज कींः

  • कृषि एवं बागवानी को उद्योग का दर्जा दिलाना
  • हजारों किलोमीटर सड़क नेटवर्क का विस्तार
  • हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों की स्थापना
  • ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना
  • पंचायती राज को मजबूती देना और महिलाओं को 50 % आरक्षण
  • सस्ती बिजली और पानी योजनाएं लागू करना

 सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षक

सभा में मौजूद हिमबुनकर के पूर्व अध्यक्ष टहल सिंह राणा, पूर्व जिला परिषद सदस्य बुद्धि सिंह, महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष अनिता देवी, पूर्व प्रधान रामकृष्ण चौहान समेत अनेक वक्ताओं ने राजा साहब को न केवल विकास का चेहरा बताया बल्कि एक सांस्कृतिक संरक्षक भी माना।

उनका कहना था कि राजा साहब ने हिमाचली संस्कृति, भाषा, व लोकसंस्कृति के संरक्षण को हमेशा प्राथमिकता दी। उन्होंने हर त्योहार, मेले, और सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेकर स्थानीय लोगों से सीधा संवाद रखा और जनता के दिलों में विशेष स्थान बनाया।

 कांग्रेस कार्यकर्ताओं का संकल्प - वीरभद्र सिंह के पदचिह्नों पर चलना

सभा के अंत में सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह संकल्प लिया कि वे राजा वीरभद्र सिंह द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर प्रदेश की सेवा करते रहेंगे। वरिष्ठ कार्यकर्ता घनश्याम सिंह, शशि पाल महेंद्र, राजेंद्र शर्मा, गुड्डू ठाकुर, बरकत अली, वंशी लाल शर्मा, भोपाल ठाकुर आदि ने अपने वक्तव्यों में कहा कि वे आने वाली पीढ़ियों को भी वीरभद्र सिंह जी के योगदानों से अवगत कराते रहेंगे।

 भावनाओं का उद्गार - जननेता को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि

श्रद्धांजलि सभा के अंत में जनसमूह ने राजा साहब की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे माहौल में भावुकता और कृतज्ञता की लहर थी। 

यह गणमान्य रहे मौजूद 

इस श्रद्धा सुमन कार्यक्रम में हिमबुनकर के पूर्व अध्यक्ष टहल सिंह राणा, पूर्व जिला परिषद् सदस्य बुद्धि सिंह, मोती राम पालसरा, भगवान सिंह बौद्ध, जिला परिषद् सदस्य आशा ठाकुर, महिला कांग्रेस उपाध्यक्ष अनिता देवी,पूर्व ब्लॉक समिति के उपाध्यक्ष गोबिंद ठाकुर, पूर्व प्रधान रामकृष्ण चौहान, शशि पाल महेंद्र, जीवन विष्ट, काकू शर्मा, लोमश शर्मा, राकेश कुमार, घनश्याम सिंह, बरकत अली, गुड्डू राम ठाकुर, वंशी लाल शर्मा, भोपाल ठाकुर, विद्या भूषण शर्मा, राजेंद्र शर्मा, आदि अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे। --डोला सिंह महंत.

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