Himachal News: मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना से बदली ज़िंदगी
मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना बनी बेसहारा युवाओं का संबल
भजराला के हंसराज व अक्षित को मिला अपना घर
Himachal Today Tv.
जोगिंदरनगर/मंडी।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना अनाथ और बेसहारा युवाओं के जीवन में नई रोशनी लेकर आ रही है। इस योजना ने न केवल छत दी, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की राह भी दिखाई है। उपमंडल जोगिंदरनगर के भजराला गांव के दो युवा—हंसराज और अक्षित कुमार—इस योजना के सशक्त उदाहरण बनकर उभरे हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा दोनों युवाओं को गृह निर्माण के लिए प्रथम किस्त के रूप में एक-एक लाख रुपये प्रदान किए जा चुके हैं। इसके साथ ही, लेंटर का कार्य पूर्ण होने पर दो-दो लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता भी उन्हें प्रदान की जाएगी। इस आर्थिक सहयोग से दोनों अब अपने पक्के आशियाने का सपना साकार कर रहे हैं।
सुख-आश्रय योजना के तहत राज्य सरकार हंसराज और अक्षित को हर माह चार-चार हजार रुपये की पॉकेट मनी भी प्रदान कर रही है, जिससे उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित हो रही है। इतना ही नहीं, हंसराज ने स्वरोजगार के लिए भी आवेदन किया था, जिस पर सरकार ने उन्हें 1 लाख 76 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की, जिससे उनके व्यवसाय को मजबूती मिली है।
लाभार्थियों का कहना है कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना उनके लिए वरदान साबित हुई है। सरकार की मदद से वे न केवल अपने घर का निर्माण कर पा रहे हैं, बल्कि सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की ओर भी अग्रसर हो चुके हैं। उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार का आभार जताया।
इस संबंध में बाल विकास परियोजना अधिकारी, चौंतड़ा, बालम राम वर्मा ने बताया कि जोगिंदरनगर उपमंडल में इस योजना के तहत अब तक चार लाभार्थियों को गृह निर्माण के लिए पहली किस्त जारी की जा चुकी है। वहीं, दो लाभार्थियों को व्यवसाय के लिए कुल 3 लाख 76 हजार रुपये की सहायता दी गई है। इसके अतिरिक्त, योजना के अंतर्गत 44 बच्चों को हर माह चार-चार हजार रुपये की पॉकेट मनी भी प्रदान की जा रही है।
उन्होंने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में योजना के तहत पांच बच्चों को शिक्षा के लिए लगभग 3 लाख 78 हजार रुपये की सहायता दी गई है, जबकि पांच लाभार्थियों को विवाह के लिए कुल 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की गई है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत अनाथ एवं बेसहारा बच्चों को “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” का दर्जा दिया गया है, जिसमें राज्य सरकार माता-पिता की भूमिका निभा रही है। यह योजना समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में प्रदेश सरकार की संवेदनशील और प्रतिबद्ध सोच को दर्शाती है।
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