Himachal: CM सुक्खू का ऐलान, जनजातीय क्षेत्रों में सरकार की प्राथमिकता में नौतोड़ स्वीकृत, युवाओं को मिलेगी 40% सब्सिडी
अनुसूचित क्षेत्रों में युवाओं को बस.ट्रैवलर की खरीद पर 40 प्रतिशत तक सबसिडी
प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद की 50 वीं बैठक
कैलाश मानसरोवर यात्रा शिपकी-ला से शुरू करने के प्रयास
HimachalTodayTv.
शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ स्वीकृत करने की मांग प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इस पर राज्य मंत्रिमडल ने स्वीकृति प्रदान कर राज्यपाल के अनुमोदन के लिए प्रस्ताव भेजा है। अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वनवासी अधिनियम-2006 के तहत सितंबर, 2025 तक 1,039 पट्टे वितरित किए जा चुके हैं। जनजातीय क्षेत्र किन्नौर और स्पीति के लोगों की सुविधा के लिए रामपुर में जनजातीय भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को शिमला में प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद की 50 वीं बैठक के अवसर पर अधिकारियों को बर्फबारी वाले क्षेत्रों में विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि मार्च-अप्रैल माह में स्थिति सामान्य होने पर निर्माण कार्य आरंभ कर उन्हें शीघ्र पूरा किया जा सके।
अनुसूचित क्षेत्रों में युवाओं को बस.ट्रैवलर की खरीद पर 40 प्रतिशत तक सबसिडी
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित क्षेत्रों में परिवहन क्षेत्र के माध्यम से आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए बस और ट्रैवलर वाहनों की खरीद पर पात्र युवाओं को 40 प्रतिशत तक सबसिडी तथा रोड़ टैक्स पर चार माह की छूट प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रोजगार व स्वरोजगार के अवसर सृजित करने को विशेष अधिमान दे रही है। जनजातीय इलाकों में सौर ऊर्जा क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के लिए सरकार निजी क्षेत्र में 250 किलोवाट से एक मेगावाट तक की सौर परियोजना स्थापित करने के लिए ब्याज उपदान प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि पांगी और स्पीति में विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए पांगी के धनवास में 1.2 मेगावाट तथा स्पीति के रोंगटोंग में दो मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्रों को शीघ्र ही कार्यशील किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निगुलसरी में सडक़ अक्सर बाधित होती है, वहां नई सडक़ का निर्माण किया जाएगा। किन्नौर जिला में लोगों को निर्बाध संपर्क सुविधा प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा दृढ़ प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में विकास के मामले में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बागबानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। जनजातीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम 2025-26 के लिए 638.73 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में भूमि संबंधी समस्याओं के कारण एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) पांगी, भरमौर एवं लाहुल में नए परिसरों के निर्माण कार्य लंबित थे। इन तीन विद्यालयों के लिए भूमि हस्तांतरित की गई है।
-भरमौर के लिए निर्माण औपचारिकताएं सीपीडब्ल्यूडी द्वारा पूरी की जा रही हैं।
-ईएमआरएस निचार में भी अतिरिक्त आवास का कार्य प्रगति पर है।
बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, विधायक डा. जनकराज, अनुराधा राणा, विवेक शर्मा, सुदर्शन बबलू और हरदीप बावा, जनजातीय सलाहकार परिषद के गैर सरकारी सदस्य, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव केके पंत तथा ओंकार चंद शर्मा, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, विभिन्न विभागों के सचिव और विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
कैलाश मानसरोवर यात्रा शिपकी-ला से शुरू करने के प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कैलाश मानसरोवर यात्रा शिपकी-ला से शुरू करने के लिए प्रयासरत है और इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया है। चीन अधिकृत तिब्बत में भी व्यापारिक गतिविधियां शुरू करने के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के सतत प्रयासों से हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हुआ है। जनजातीय क्षेेत्र दूसरे भागों से अधिक संपन्न और समृद्ध हैं।
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