Sundernagar-Parking: सुंदरनगर में पार्किंग-नो पार्किंग विवाद, अटल पार्किंग और कार आगजनी बनी वजह
सुंदरनगर में उपायुक्त मंडी ने मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 117 के तहत पार्किंग और नो पार्किंग जोन अधिसूचित किए। अटल पार्किंग की विफलता और एसडीएम ऑफिस के बाहर खड़ी कार में आगजनी की घटना ने इस फैसले को और विवादित बना दिया है। जानिए पूरा मामला।
HimachalTodayTv.
सुंदरनगर।
मंडी जिला मुख्यालय के बाद अब सुंदरनगर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने मोटर व्हीकल अधिनियम 1988 की धारा 117 के तहत सुंदरनगर में पार्किंग और नो पार्किंग जोन अधिसूचित कर दिए हैं। हालांकि, इस अधिसूचना के साथ ही शहर में एक नई बहस छिड़ गई है।
दरअसल, इस फैसले को लेकर जहां प्रशासन इसे यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में उठाया गया ठोस कदम बता रहा है, वहीं स्थानीय लोग और व्यापारी इसे अटल पार्किंग की विफलता को छिपाने और हाल ही में एसडीएम ऑफिस के बाहर खड़ी कार में आगजनी की घटना से जोड़ रहे हैं।
अधिसूचना में कहां मिलेगी पार्किंग
जारी अधिसूचना के अनुसार:
* एसीजेएम कोर्ट गेट से एसडीएम ऑफिस गेट तक अधिवक्ताओं के लिए पार्किंग।
* जजों की पार्किंग से शीतला स्वयं सहायता समूह बिक्री केंद्र के फुटपाथ तक और नगर परिषद कार्यालय के पास पांच वाहनों की जगह सुरक्षित।
* आम जनता के लिए:
* सिविल अस्पताल गेट से मिनी सचिवालय तक
* न्यू दुर्गा ग्लास हाउस से मन्नत अस्पताल तक
* पोल्ट्री फार्म हिम हैचरी से वेटनरी अस्पताल तक
* नए बस स्टैंड (बीएसएल टनल) से जल शक्ति भवन टैक्सी स्टैंड तक
* हमसफर चौक से नए बस स्टैंड एंट्री गेट तक
किन जगहों पर लगा बैन (नो पार्किंग जोन)
* हमसफर चौक से पुराने बस स्टैंड तक
* टैक्सी स्टैंड एंट्रेंस से ललित चौक तक
* रेस्ट हाउस चौक से पोल्ट्री फार्म तक
* मन्नत अस्पताल से ललित चौक तक
* डॉ. महेंद्र क्लीनिक से धर्म सभा पुराना बाजार तक
* एसडीएम ऑफिस गेट से रेड लाइट प्वाइंट तक
* रेड लाइट से सेंट मैरी पब्लिक स्कूल व एमएलएसएम कॉलेज रोड तक दोनों ओर
अटल पार्किंग का विवाद
इस अधिसूचना के पीछे सबसे बड़ा कारण सुंदरनगर में नगर परिषद द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई *अटल पार्किंग* बताई जा रही है। कुत्ते की कबर और नाले के किनारे बनी इस पार्किंग को सफल बनाने की कवायद अब विवाद का कारण बन गई है।
अटल पार्किंग निर्माण के बाद से ही यह सुचारू रूप से काम नहीं कर पाई। हालत यह है कि नगर परिषद को इसके संचालन के लिए ठेकेदार तक नहीं मिल रहा। सवाल उठ रहे हैं कि जब लघु सचिवालय, अस्पताल, पुलिस थाना और एसडीएम ऑफिस जैसे महत्वपूर्ण संस्थान शहर के बीचों-बीच हैं तो लोग दूर बनी इस पार्किंग में गाड़ी क्यों खड़ी करेंगे? लोगों का तर्क है कि यहां कार पार्क करने के बाद गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी पैदल चलना पड़ता है।
कार आगजनी ने बढ़ाई चिंता
कुछ दिन पहले एसडीएम ऑफिस के बाहर सड़क किनारे खड़ी एक कार में अचानक आग लग गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और वहां वाहनों की पार्किंग पर रोक लगा दी। इस घटना ने भी पार्किंग-नो पार्किंग अधिसूचना को और संवेदनशील और विवादित बना दिया है।
जनता की आपत्तियां और सवाल
इस अधिसूचना से पहले 1 अप्रैल को प्रारूप नोटिफिकेशन जारी किया गया था और जनता से आपत्तियां मांगी गई थीं। मात्र चार आपत्तियां आईं, जिन्हें प्रशासन ने खारिज कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी व्यवस्था बदलने से पहले व्यापक जनपरामर्श होना चाहिए था।
कई व्यापारियों का आरोप है कि यह कदम गरीब और मध्यमवर्गीय वाहन मालिकों के लिए परेशानी का सबब बनेगा। “जब पार्किंग की पर्याप्त जगह ही उपलब्ध नहीं है, तो नो पार्किंग लागू करना जनता के खिलाफ है,” स्थानीय दुकानदारों का कहना है।
प्रशासन का पक्ष
उपायुक्त अपूर्व देवगन का कहना है कि यह निर्णय यातायात व्यवस्था को सुचारू करने और शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए लिया गया है। उन्होंने दावा किया कि पार्किंग और नो पार्किंग जोन लागू होने के बाद आम जनता को राहत मिलेगी और मुख्य बाजारों में यातायात सुगम होगा।
चर्चाओं में घिरा फैसला
सुंदरनगर में यह अधिसूचना अब *दो कारणों से चर्चा और विवाद* में है—
1. *अटल पार्किंग की विफलता*: करोड़ों की लागत से बनी पार्किंग जनता के लिए उपयोगी नहीं साबित हुई।
2. *कार आगजनी की घटना*: इस हादसे के बाद से प्रशासन सुरक्षा के नाम पर ज्यादा सख्त हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अधिसूचना ज्यादा *अटल पार्किंग को बचाने की कवायद* लगती है, बजाय कि जनता की सुविधा के लिए उठाया गया कदम।
जनता की आपत्तियां और सवाल- आगे क्या?
अब देखने वाली बात होगी कि यह अधिसूचना सुंदरनगर की सड़कों पर कितना सुधार लाती है। क्या सचमुच जाम की समस्या कम होगी या फिर यह फैसला जनता की परेशानी बढ़ाकर नया विवाद खड़ा करेगा?
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